तुम्हें एहसास ही नही कितना इश्क़ है | Shayari Ki Dayari

तुम्हें एहसास ही नही कितना इश्क़ है

तुम्हें एहसास ही नही कितना इश्क़ है तुमसे
बस रोज थोड़ा और तुमसे जुड़ते जाते हैं हम.