निगाह ए इश्क़ का अजीब ही शौक देखा | Shayari Ki Dayari

निगाह ए इश्क़ का अजीब ही शौक देखा

निगाह ए इश्क़ का अजीब ही शौक देखा
तुम ही को देखा और बेपनाह देखा