हीर पैदल जा रही थी एक लड़का आवाज देता है | Shayari Ki Dayari

हीर पैदल जा रही थी एक लड़का आवाज देता है

हीर पैदल जा रही थी एक
लड़का आवाज
देता है———–

ऐ दिवानी पीछे मुड के देख
तेरा दुपट्टा जमीन से
घिसा जा रहा है।

हीर ने जवाब दिया———-
ऐ दिवाने तू क्या जाने,
ये भी अपना फर्ज निभा रहा है,

कोई चूम न ले मेरे
कदमों की मिट्टी को *राँझे*
के सिवा,
इस लिये ये निशान मिटा रहा है।