सब लुटाकर मिला दर्द ये,

सब लुटाकर मिला दर्द ये,
दर्द का मत दमन कीजिए,
जो ये पतझर है जिन्दगी,
प्राण ! उसको चमन कीजिए,
किस तरफ पग बढ़ाकर चली,
प्रेम-पथ पर गमन कीजिए….