वंदे मातरम

कभी सनम को छोड़ के देख लेना, कभी शहीदों को याद करके देख लेना, कोई महबूब नहीं है वतन जैसा यारो, मेरी तरह देश से कभी इश्क करके देख लेना.. ***वंदे मातरम*