प्रकित के तीन कड़वे नियम जो सत्य है | Shayari Ki Dayari

प्रकित के तीन कड़वे नियम जो सत्य है

*प्रकित के तीन कड़वे नियम जो सत्य है*

*1-: प्रकृति का पहला नियम*
यदि खेत में बीज न डालें जाएं तो कुदरत उसे *घास-फूस* से भर देती हैं…!!
ठीक उसी तरह से दिमाग में *सकारात्मक* विचार न भरे जाएँ तो *नकारात्मक* विचार अपनी जगह बना ही लेती है…!!

*2-: प्रकृति का दूसरा नियम*
जिसके पास जो होता है…!!
*वह वही बांटता है….!!*
सुखी *सुख* बांटता है…
दुःखी *दुःख* बांटता है..
ज्ञानी *ज्ञान* बांटता है..
भ्रमित *भ्रम* बांटता है..
भयभीत *भय* बांटता हैं……!!

*3-: प्रकृति का तिसरा नियम*
आपको जीवन से जो कुछ भी मिलें उसे पचाना सीखो क्योंकि *भोजन* न पचने पर रोग बढते है…!
पैसा न *पचने* पर दिखावा बढता है…!
बात न *पचने* पर चुगली बढती है…!
प्रशंसा न *पचने* पर अंहकार बढता है….!
निंदा न *पचने* पर दुश्मनी बढती है…!
राज न *पचने* पर खतरा बढता है…!
दुःख न *पचने* पर निराशा बढती है…!
और सुख न *पचने* पर पाप बढता है…!

*बात कड़वी बहुत है पर सत्य है*
😱😱😱