न ये कैमेस्ट्री होती न मै स्टुडेन्ट होता | Shayari Ki Dayari

न ये कैमेस्ट्री होती न मै स्टुडेन्ट होता

न ये कैमेस्ट्री होती न मै स्टुडेन्ट होता
न ये लेब होती न ये एक्सीडेन्ट होता!
अभी प्रेक्टीकल मे आई नजर एक लडकी
सुन्दर थी लेकिन बाल उसके टेस्ट-ट्‌यूब जैसे!
बातो मे उसकी ग्लुकोस की मिठास थी
साँसो मे ईस्टर की खुश्बु भी साथ थी!
आँखोसे झलकता था कुछ इस तरह प्यार
बिन पीये हो जाता था एल्कोहँल का खुमार!
बेन्जीन सा होता था उसकी आवाज का एहसास
अँधेरे मे होता था रेडियम का आभास!
नजरे मिली अभिक्रिया हुई और
प्यार का मेटर हुआ!